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Yugal Madhuri

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

नीको लागे मोको तो दिव्य ब्रज धाम।

Reading 57 of 75 · Source no. 46 · Source PDF 156–173

1नीको लागे मोको तो दिव्य ब्रज धाम।

2नीको लागे मोको तो राधारानी धाम।

3नीको लागेँ नन्दबाबा यशुमति भाम।

4नीको लागे यशुमति प्यायो दूध श्याम।

5नीको लागे पलना में झूलें घनश्याम।

6नीको लागे मैया झुलावें झूलें श्याम।

7नीको लागे मैया सुलावें गोद श्याम।

8नीको लागे सोये भोरे भारे श्याम।

9नीको लागे अलसाने उठे श्याम।

10नीको लागे कछु सोचि मुसकायें श्याम।

11नीको लागे कारण बिनु रोयें श्याम।

12नीको लागे भीर भोर दरसन श्याम।

13नीको लागे अँगुठा पियत पग श्याम।

14नीको लागे छी छी करें मैया गोद श्याम।

15नीको लागे मैया जब चूमें मुख श्याम।

16नीको लागे पूतना को पिये प्राण श्याम।

17नीको लागे पूतना को दिये निज धाम।

18नीको लागे गूँ गूँ करि बोलें कछु श्याम।

19नीको लागे घुटुवनि चलें जब श्याम।

20नीको लागे चलनो सिखावें मैया श्याम।

21नीको लागे मैया कर गहि चलें श्याम।

22नीको लागे खरे होँय काँपत श्याम।

23नीको लागे ठुमुकि ठुमुकि चलें श्याम।

24नीको लागे चलत चलत गिरें श्याम।

25नीको लागे छुटे कटि पीत पट श्याम।

26नीको लागे नंगे तन नाचें जब श्याम।

27नीको लागे प्रतिबिंब लखि मोहेँ श्याम।

28नीको लागे प्रतिबिम्ब बतरायें श्याम।

29नीको लागेँ नंद जिन गोद खेल्यो श्याम।

30नीको लागे आँय बाँय साँय गायें श्याम।

31नीको लागे तोतरि बोलनि श्याम।

32नीको लागे रोटी को लोटी कहें श्याम।

33नीको लागे दाल को तो ताल कहें श्याम।

34नीको लागे भात को पात कहें श्याम।

35नीको लागे दूध को तूत कहें श्याम।

36नीको लागे दाऊ को ताऊ कहें श्याम।

37नीको लागे बाबा को पापा कहें श्याम।

38नीको लागे मैया को अइया बोलें श्याम।

39नीको लागे गैया को कैया कहें श्याम।

40नीको लागे “लाधे तलो थेलें” कहें श्याम।

41नीको लागे राधे कहें “तलो थेलें त्याम”।

42नीको लागे “मैया माल्यो लाम” कहें श्याम।

43नीको लागे हँसेँ दुइ दँतुलिन श्याम।

44नीको लागे साथ पियें दूध राम श्याम।

45नीको लागे “दुद्धू” हित झगरत श्याम।

46नीको लागे नन्द दाढ़ी मूँछ खींचें श्याम।

47नीको लागे नन्द कन्ध बैठें राम श्याम।

48नीको लागे नन्द को बनावें घोड़ा श्याम।

49नीको लागे पंक लपेटे तनु श्याम।

50नीको लागे मैया डर रोवें जब श्याम।

51नीको लागे बिरुझानो लोटत श्याम।

52नीको लागे गोद हित लोटत श्याम।

53नीको लागे फेंकें वेणु पट रूठि श्याम।

54नीको लागे मुख छवि रूठत श्याम।

55नीको लागे रूठे श्याम पटकत पाम।

56नीको लागे चंदा माँगें मैया सों श्याम।

57नीको लागे जब मुँह लटकावें श्याम।

58नीको लागे हौवा ते डरें जब श्याम।

59नीको लागे मैया कहें मेरो लाल राम।

60नीको लागे राम कहानी सुनें श्याम।

61नीको लागे चोरी चोरी माटी खायें श्याम।

62नीको लागे मुख में दिखावें जग श्याम।

63नीको लागे ऊखल बँधे रोयें श्याम।

64नीको लागे रोवें ब्रह्म श्याम सुखधाम।

65नीको लागे मैया की वेणी खींचें श्याम।

66नीको लागे मैया सँग मथें दधि श्याम।

67नीको लागे माँगेँ रोटी पटकत पाम।

68नीको लागे मैया कर खायेँ ग्रास श्याम।

69नीको लागे नंद की खड़ाऊँ सिर श्याम।

70नीको लागे नंद को प्रणाम करें श्याम।

71नीको लागे श्याम करें माँ को प्रणाम।

72नीको लागे कनुआ पुकारें माय श्याम।

73नीको लागे बलुआ पुकारें माय राम।

74नीकी लागे जोरी भल श्याम बलराम।

75नीको लागे वारे मैया राई नोन श्याम।

76नीको लागे गोचारें नंगे पाम श्याम।

77नीकी लागे छोटी सी लकुटि कंध श्याम।

78नीको लागेँ धूरि भरे तनु श्याम।

79नीको लागे जब भाजें गिरें रोयें श्याम।

80नीको लागे नवनि चुरावैं जब श्याम।

81नीको लागे छीके लौं बड़ो होवें श्याम।

82नीको लागे नवनि चुराके भाजें श्याम।

83नीको लागे भाजे पाछे मैया आगे श्याम।

84नीको लागे दूध नहिं पियेँ भाजें श्याम।

85नीको लागे दोउ कर खायेँ दधि श्याम।

86नीको लागे कर उर मुख दधि श्याम।

87नीको लागे मैया ते बोलें झूठ श्याम।

88नीको लागे चोरी करि दधि खायँ श्याम।

89नीकी लागे बाललीला ग्वाल संग श्याम।

90नीको लागे ग्वाल मानें छोटो यार श्याम।

91नीको लागे आँख मिचौनी खेलें श्याम।

92नीको लागे पट्टी बाँधें ग्वाल दृग श्याम।

93नीको लागे ग्वाल बिच नाचें श्याम राम।

94नीको लागे ग्वाल सँग खेलें गेंद श्याम।

95नीको लागे कालीदह फेंकें गेंद श्याम।

96नीको लागे कालीदह कूदें जब श्याम।

97नीको लागे कालिया के फण नाचें श्याम।

98नीको लागेँ सखा सँग खेलत श्याम।

99नीको लागे सखन जितावें श्याम।

100नीको लागे ग्वाल घोड़ा बनेँ जब श्याम।

101नीको लागे ग्वालन जूठों खायें श्याम।

102नीको लागे मनसुख हास्य सँग श्याम।

103नीको लागे सखन चिढ़ावें कारो श्याम।

104नीको लागे अँगुठा दिखावें ग्वाल श्याम।

105नीको लागे कहें ग्वाल द्वै बाप श्याम।

106नीको लागे कहें ग्वाल परो पायो श्याम।

107नीको लागे गाम को गमार जनु श्याम।

108नीको लागे हारेँ आपु रोयें आपु श्याम।

109नीको लागे हारेँ श्याम देंय नहिं दाम।

110नीको लागे पुनि पुनि हारेँ रोवें श्याम।

111नीको लागे ग्वाल मनावें रोते श्याम।

112नीको लागे पाछे ग्वाल आगे भागें श्याम।

113नीको लागे जीति चिढ़ावें ग्वाल श्याम।

114नीको लागे जानि जानि हारें खेल श्याम।

115नीको लागे “गिरि में मैं” सिद्ध किये श्याम।

116नीको लागे गोवर्धन बने श्याम।

117नीको लागे इन्द्र पूजा बंद किये श्याम।

118नीको लागे इन्द्र माँगे क्षमा पग श्याम।

119नीको लागे गिरिराज बनि पूजें श्याम।

120नीको लागे गोवर्धन दिव्यधाम।

121नीको लागे दावानल पान किये श्याम।

122नीको लागे खेल खेल मार्यो दैत्य श्याम।

123नीको लागे दैत्य मरि पावें हरि धाम।

124नीको लागे दाऊ भैया डाँटें जब श्याम।

125नीको लागे मारा मारी करें राम श्याम।

126नीको लागे मल्ल युद्ध राम श्याम।

127नीको लागे होड़ दौड़ श्याम बलराम।

128नीको लागे होड़ मुट्ठी खोलें राम श्याम।

129नीको लागे नाचें दोउ सँग राम श्याम।

130नीको लागे राम पकरें कान श्याम।

131नीको लागे गैयन दुहें दूध श्याम।

132नीको लागे मुरली बजावें जब श्याम।

133नीको लागे राधे को बुलावें वेणु श्याम।

134नीको लागे राधे जू ते हारें खेल श्याम।

135नीको लागे बड़ी दुलहिनि माँगें श्याम।

136नीको लागे “माय गोरो करु” कह श्याम।

137नीको लागे माँगें छाछ श्याम पूर्णकाम।

138नीको लागे छाछ दै नचावें ब्रज बाम।

139नीको लागे गोपी छाछ ना दे माँगें श्याम।

140नीको लागे माँगें दधि पावें गारी श्याम।

141नीको लागे तारी दै नचावें ब्रज बाम।

142नीको लागे गोमय टीका मुख श्याम।

143नीको लागे जायें आपु घर घर श्याम।

144नीको लागे श्याम परें ब्रजबाम पाम।

145नीको लागे बामा कहें चोर जार श्याम।

146नीको लागे जब बामा लर तोरें श्याम।

147नीको लागे स्वामी श्याम बनें दास बाम।

148नीको लागे मारे बाम गुलचन श्याम।

149नीको लागे गोपी पति रूप धरें श्याम।

150नीको लागे बामा लखें इकटक श्याम।

151नीको लागे श्याम कह “प्यार करु बाम”।

152नीको लागे गोपी मानें साँचो यार श्याम।

153नीको लागे बाँह मरोरेँ श्याम बाम।

154नीको लागे घूँघट पट ब्रजबाम।

155नीको लागे घूँघट उठावें बाम श्याम।

156नीको लागे छेड़त चलें बाम श्याम।

157नीको लागे “तू तो मेरी बाम” कह श्याम।

158नीको लागे गोपी सँग खटपट श्याम।

159नीको लागे खाय दधि फोरेँ घट श्याम।

160नीको लागे सँग बाम बरजोरी श्याम।

161नीको लागे सखिन बुलावें वेणु श्याम।

162नीको लागे सखिन लड़ावें नैन श्याम।

163नीको लागे बामा लखि मारें आँख श्याम।

164नीको लागे माँगें श्याम दधि दान बाम।

165नीको लागे लकुटि ते फोरेँ घट बाम।

166नीको लागे मारेँ काँकरि घट बाम।

167नीको लागे “छुओ जनि श्याम” कहें बाम।

168नीको लागे ब्रह्म डोले पाछे पाछे बाम।

169नीको लागे गोपी जैसा कहे करें श्याम।

170नीको लागे अटपट प्रीति रीति श्याम।

171नीको लागे गोपी अनुगत ब्रह्म श्याम।

172नीको लागे गोपी सुख चाहेँ ब्रह्म श्याम।

173नीको लागे गोपियों का ऋणी कहें श्याम।

174नीको लागे लँगर डगर रार बाम।

175नीको लागे माँगेँ प्यार कामी जनु श्याम।

176नीको लागे गोपी प्रेम रस बस श्याम।

177नीको लागे नंगे पाम डोलें ब्रज श्याम।

178नीको लागे कह बाम लम्पट श्याम।

179नीको लागे श्याम कर छोरे वेणु बाम।

180नीको लागे श्याम मुख चूमें सब बाम।

181नीको लागे निलज निपट कह बाम।

182नीको लागे नटखट खटपट बाम।

183नीको लागे कहे बाम हरजाई श्याम।

184नीको लागे बोलें आपु गोपिन श्याम।

185नीको लागे जो ना बोले छेडें़ वाय श्याम।

186नीको लागे घूँघट उठाके देखें श्याम।

187नीकी लागे गोपी गारी नहिं स्तुति श्याम।

188नीको लागे गोपी नहिं माने ब्रह्म श्याम।

189नीको लागे गोपी माने कामी ब्रह्म श्याम।

190नीको लागे गोपी जाने पूर्णब्रह्म श्याम।

191नीकी लागे विधि हरि हर स्तुति श्याम।

192नीकी लागे चारिहुँ श्रुति स्तुति श्याम।

193नीको लागे ब्रह्मा कहे त्राहि मां श्याम।

194नीको लागे बामा घट उठवावें श्याम।

195नीको लागे श्याम अपमान करें बाम।

196नीकी लागे नारी गारी “दारी के” के श्याम।

197नीको लागे ब्रजबाम प्रेम निष्काम।

198नीको लागे बामा कहें “लेउ कोउ श्याम”।

199नीको लागे श्यामा जू ते पूछेँ नाम श्याम।

200नीको लागे श्यामा जू ते पूछेँ गाम श्याम।

201नीको लागे श्यामा जू को घूरे जायें श्याम।

202नीको लागेँ गरबाहीं दिये श्यामा श्याम।

203नीको लागे मान ठाननो श्यामा भाम।

204नीको लागे लाली पग चापत श्याम।

205नीको लागे मानिनी मनावत श्याम।

206नीको लागेँ श्यामा को मनाते रोते श्याम।

207नीको लागेँ हा हा खाते श्यामा आगे श्याम।

208नीको लागेँ “हा राधे” कहि रोते श्याम।

209नीको लागे पी को मुकुट प्यारी पाम।

210नीको लागे जब लिलिहारी बनेँ श्याम।

211नीको लागे जब मनिहारी बनेँ श्याम।

212नीको लागे जब मालिनि बनेँ श्याम।

213नीकी लागे जल केलि संग श्याम बाम।

214नीको लागे बामा सँग मोहे श्याम काम।

215नीको लागे जब वंशी चोरें बाम श्याम।

216नीको लागे श्यामा बनि श्यामा मोहें श्याम।

217नीको लागे श्यामा जय बोलें जब श्याम।

218नीको लागे श्यामा पद सिर धर श्याम।

219नीको लागे परम पुरुष बने बाम।

220नीको लागे श्यामा मनुहार करें श्याम।

221नीको लागे श्यामा जू को खोजें कुंज श्याम।

222नीको लागे श्यामा लखि मुर्छित श्याम।

223नीको लागे ज्ञानी बनि तरु खरे धाम।

224नीको लागे ऊधो रोयें कहि “हाय श्याम”।

225नीको लागे ब्रह्मा रोनो ढिंग घनश्याम।

226नीको लागे अज होके जनमेउ श्याम।

227नीको लागे निराकार नराकार श्याम।

228नीको लागे निर्गुण गुणधाम श्याम।

229नीको लागे कामी बने श्याम पूर्णकाम।

230नीको लागे भूखा प्यासा ब्रज ब्रह्म श्याम।

231नीको लागे आप्तकाम बन्यो गोपी राम।

232नीको लागे कुबरी की यारी सँग श्याम।

233नीको लागे रास रस मोहे श्याम काम।

234नीको लागे रास महँ अगणित श्याम।

235नीको लागे रास इक गोपी इक श्याम।

236नीको लागे कमला न पावे रास श्याम।

237नीको लागे भोलेनाथ बने ब्रज बाम।

238नीको लागे आँख मारेँ शिव बनि बाम।

239नीको लागे ब्रजरस माँगे विधि श्याम।

240नीको लागे जरासन्ध भय भागे श्याम।

241नीको लागे बरसानो नीको नन्दगाम।

242नीकी लागे रजधानी वृन्दावन धाम।

243नीको लागे नहिं गये तजि ब्रज श्याम।

244नीको लागे वंशीवट तट अभिराम।

245नीको लागे सेवा कुंज महारास धाम।

246नीको लागे गहवर वन सुखधाम।

247नीकी लागे मानसी गंगा ललाम।

248नीको लागे कुसुम सरोवर ठाम।

249नीको लागे राधा कुण्ड कृष्ण कुण्ड ठाम।

250नीकी लागे पीली पोखर अभिराम।

251नीको लागेँ निधिवन आदि दिव्य धाम।

252नीको लागे माँगेँ ब्रज रज चारों धाम।

253नीको लागे यमुना को सलिल ललाम।

254नीको लागे वृक्ष बोलें राधे राधे नाम।

255नीको लागे खग मृग लखें घनश्याम।

256नीकी लागे धेनु जेहि दुहें घनश्याम।

257नीकी लागेँ लता कुंज मंजु ब्रजधाम।

258नीको लागे लता पता परसत श्याम।

259नीेकी लागे ब्रज रज लोटे जामें श्याम।

260नीकी लागेँ ब्रजरस वारी ब्रजबाम।

261नीको लागे ब्रजवासी रटें श्यामा श्याम।

262नीको लागे मोर मयूरी बोलें श्याम।

263नीको लागे मुक्ति भरे पानी ब्रजधाम।

264नीको लागे श्रुति दें बुहारी ब्रजधाम।

265नीको लागे गोपी गीत विरहिणि बाम।

266नीको लागे पढें़ जब क ख ग घ श्याम।

267नीके लागें कम श्याम मधुपुरि धाम।

268नीके लागें कम श्याम द्वारवती धाम।

269नीको लागे नहिं मोहिँ बैकुण्ठ धाम।

270नीको लागे नहिं ब्रह्मानन्द रूप श्याम।

271नीको लागे मृत गुरुपुत्र लाये श्याम।

272नीको लागे ब्रह्मा देखें सारा जग श्याम।

273नीको लागे श्याम तनु जनु घनश्याम।

274नीको लागे दिव्य नीलमणि तनु श्याम।

275नीको लागे कनक मुकुट सिर श्याम।

276नीको लागे मोर मुकुट सिर श्याम।

277नीको लागे कारे घुँघुरारे केश श्याम।

278नीको लागे तिलक भाल घनश्याम।

279नीके लागेँ रस ते भरे नैन श्याम।

280नीकी लागे नासा बेसर श्याम।

281नीकी लागे गल बिच बनमाल श्याम।

282नीकी लागे गल बिच गुंजमाल श्याम।

283नीकी लागे कंध लकुटि घनश्याम।

284नीकी लागे कामरि कंध घनश्याम।

285नीकी लागे रोम राजि बाम भाग श्याम।

286नीको लागे वक्ष बिच भृगु पद श्याम।

287नीकी लागे श्याम कर मुरलि ललाम।

288नीकी लागे कटि कछी काछनि श्याम।

289नीको लागे पीतपट तनु घनश्याम।

290नीको लागे नख शिख रोम रोम श्याम।

291नीको लागे ललित त्रिभंगी श्याम।

292नीको लागे नटखटपन घनश्याम।

293नीको लागे जो भी देखे मोहे छवि श्याम।

294नीको लागे जो ना देखे मोहे वेणु श्याम।

295नीको लागे गौर तनु श्यामा श्याम।

296नीकी लागे श्यामा सिर चन्द्रिका ललाम।

297नीकी लागे श्यामा सिर चुनरी ललाम।

298नीकी लागे श्यामा भाल बिन्दी ललाम।

299नीकी लागे श्यामा की नथ अभिराम।

300नीकी लागे श्यामा जू की वेणी ललाम।

301नीकी लागे कंचुकि श्यामा की ललाम।

302नीकी लागे नीलपट श्यामा भाम।

303नीकी लागेँ श्यामा कर चुरियाँ ललाम।

304नीकी लागे श्यामा कर मेहँदी ललाम।

305नीकी लागेँ श्यामा की बिछुवनि पाम।

306नीको लागे जावक श्यामा जू के पाम।

307नीको लागे भोरापन श्यामा भाम।

308नीको लागे कीर्तन श्यामा श्याम नाम।

309नीको लागे दिव्य तनु श्यामा श्याम।

310नीके लागेँ कुण्डल श्यामा श्याम।

311नीको लागे काजर श्यामा श्याम।

312नीकी लागे चितवनि श्यामा श्याम।

313नीको लागेँ नैन सैन श्यामा श्याम।

314नीको लागे मुक्ताहल श्यामा श्याम।

315नीकी लागे मुसकनि श्यामा श्याम।

316नीके लागेँ मधु बैन श्यामा श्याम।

317नीके लागेँ गर हार श्यामा श्याम।

318नीके लागें कंकन श्यामा श्याम।

319नीके लागेँ बाजूबन्द श्यामा श्याम।

320नीकी लागे किंकिनि श्यामा श्याम।

321नीकी लागेँ पायल श्यामा श्याम।

322नीकी लागे हंस चाल श्यामा श्याम।

323नीको लागे हैँ “कृपालु” दोउ श्यामा श्याम॥

Original Hindi songs from the supplied standalone Yugal Madhuri edition. This is distinct from Prem Ras Madira's similarly named chapter. Frontmatter retains its own source credits. Supplied edition: Fifth edition, Gita Jayanti, 28 November 2009.

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