Skip to main contentJagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
श्यामा परिभाषा · पृष्ठ 953
Reading 449 of 452 · Source nos. 11075–11080 · Source PDF 456
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2शम की परिभाषा गोविंद राधे।
3बुद्धि की हरि में निष्ठा बता दे॥ 11075॥
4दम की परिभाषा गोविंद राधे।
5इन्द्रियों पै पूर्ण विजय बता दे॥ 11076॥
6तितिक्षा परिभाषा गोविंद राधे।
7न्याय ते प्राप्त दुख सहना बता दे॥ 11077॥
8धैर्य की परिभाषा गोविंद राधे।
9रसना अरु काम विजय बता दे॥ 11078॥
10दान की परिभाषा गोविंद राधे।
11हरि भक्ति वाला ज्ञान देना बता दे॥ 11079॥
12तप की परिभाषा गोविंद राधे।
13जगत की कामना का त्याग बता दे॥ 11080॥