Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
संकीर्तन · पृष्ठ 934
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1नाम निष्ठा बढ़ाओ गोविंद राधे।
2उदाहरण बाल्मीकि का दो बता दे॥ 10880॥
3मरा मरा नाम जप गोविंद राधे।
4बाल्मीकि को भी ब्रह्मर्षि बना दे॥ 10881॥
5मन में ही अनंत पाप गोविंद राधे।
6मन ते ही नाम रटो नामी क्षमा दे॥ 10882॥
7नाम की परिक्रमा ते गोविंद राधे।
8गणपति मूषिक सिंह को हरा दे॥ 10883॥
9नाम में अमोघ शक्ति गोविंद राधे।
10किंतु नाम अपराध पतन करा दे॥ 10884॥
11नाम में अचिन्त्य शक्ति गोविंद राधे।
12नामापराधी लाभ पाये ना बता दे॥ 10885॥
13उल्लू को सूर्य के गोविंद राधे।
14प्रकाश में कछु दीखे ना बता दे॥ 10886॥
15किंतु बुध सूर्य के गोविंद राधे।
16प्रकाश को नहिं दोष दे बता दे॥ 10887॥
17अग्नि को सब जानें गोविंद राधे।
18है सर्वदहनसमर्थ बता दे॥ 10888॥
19किन्तु यदि काष्ठ ते गोविंद राधे।
20अग्नि हो दूर काष्ठ जले ना बता दे॥ 10889॥
21ऐसे नामापराधी गोविंद राधे।
22भक्ति का लाभ भी गमा दे बता दे॥ 10890॥
23मरा कुत्ता कूप में हो गोविंद राधे।
24पानी निकालो गन्ध जाये ना बता दे॥ 10891॥