Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
संकीर्तन · पृष्ठ 931
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1विद्यावधू हित गोविंद राधे।
2हरिनाम जीवन सम है बता दे॥ 10844॥
3ब्रह्मविद्या में तो गोविंद राधे।
4हरि नाम ते विद्या सधवा बता दे॥ 10845॥
5यदि ब्रह्मविद्या है गोविंद राधे।
6हरिनाम हीन तो विधवा बता दे॥ 10846॥
7ब्रह्मविद्या का तो गोविंद राधे।
8सौभाग्य चिह्न हरिनाम है बता दे॥ 10847॥
9हरि नाम कीर्तन गोविंद राधे।
10दिव्य सुधा अनुभव करवा दे॥ 10848॥
11हरि नाम कीर्तन गोविंद राधे।
12दिव्यानन्द सिन्धु में मन को डुबा दे॥ 10849॥
13नाम में है ऐसी शक्ति गोविंद राधे।
14नामी को भी आने को विवश करा दे॥ 10850॥
15नाम अरु नामी दोउ गोविंद राधे।
16हैं एक अस विश्वास दिला दे॥ 10851॥
17नामी को बुलाओ अरु गोविंद राधे।
18नाम गाने के पूर्व नाम में बिठा दे॥ 10852॥
19नाम में है नामी वास गोविंद राधे।
20अस दृढ़ विश्वास नामी को बुला दे॥ 10853॥
21नाम के अधीन दोऊ गोविंद राधे।
22नाम बल ऐसा जो नामी बुला दे॥ 10854॥
23धन्य धन्य नाम दोऊ गोविंद राधे।
24नाम लेत भाजो आवें पूछें तोहिं का दे॥ 10855॥