Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
संकीर्तन · पृष्ठ 929
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1कृष्ण का अर्थ जो गोविंद राधे।
2मन खींचे मायामुक्त के बता दे॥ 10820॥
3तीनों नाम रूप एक गोविंद राधे।
4लीला अवश्य भिन्न भिन्न हैं बता दे॥ 10821॥
5जीवों का संस्कार गोविंद राधे।
6भिन्न भिन्न याते लीला भिन्न बता दे॥ 10822॥
7कोइ आसक्त हित गोविंद राधे।
8कोइ विरक्त हित लीला बता दे॥ 10823॥
9कोइ साधक हित गोविंद राधे।
10कोइ सिद्ध हित लीला बता दे॥ 10824॥
11कोइ कर्मी हित गोविंद राधे।
12कोइ ज्ञानी हित लीला बता दे॥ 10825॥
13कोइ योगी हित गोविंद राधे।
14कोइ रसिक हित लीला बता दे॥ 10826॥
15जीव कल्याण हित गोविंद राधे।
16अवतार लीला भिन्न भिन्न हैं बता दे॥ 10827॥
17हरि नाम चिंतामणि गोविंद राधे।
18चिदानन्द श्रीकृष्ण मूर्ति है बता दे॥ 10828॥
19निज रुचि अनुरूप गोविंद राधे।
20किसी नाम रूप में भी मन को लगा दे॥ 10829॥
21छोटा बड़ा न्यूनाधिक गोविंद राधे।
22भावना न आने पाये बता दे॥ 10830॥
23नामों में छोटा बड़ा गोविंद राधे।
24मानना है नाम अपराध बता दे॥ 10831॥