Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
संकीर्तन · पृष्ठ 928
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1कलि योग ज्ञान नाहिं गोविंद राधे।
2प्रेम युक्त हरि नाम नामी ते मिला दे॥ 10808॥
3हरि के हैं सब नाम गोविंद राधे।
4अ, इ, उ, क, ख, आदि वेद बता दे॥ 10809॥
5हरि के हैं सब रूप गोविंद राधे।
6पीपल वट की भी पूजा करा दे॥ 10810॥
7हरि के हैं सब रूप गोविंद राधे।
8सभी नाम, व्यर्थ का विवाद मिटा दे॥ 10811॥
9सब हरि नाम रूप गोविंद राधे।
10सच्चिदानन्द स्वरूप बता दे॥ 10812॥
11राम कृष्ण हरि एक गोविंद राधे।
12जामें लगे मन वामें लगा दे॥ 10813॥
13जो हरि सोई राम गोविंद राधे।
14जो राम सोई कृष्ण सार बता दे॥ 10814॥
15हरि राम कृष्ण में जो गोविंद राधे।
16माने भेद नामापराध बता दे॥ 10815॥
17हरे राम मंत्र कह गोविंद राधे।
18हरि राम कृष्ण सब एक बता दे॥ 10816॥
19हरि राम कृष्ण तीनों गोविंद राधे।
20पर्यायवाची शब्द हैं बता दे॥ 10817॥
21हरि का है अर्थ जो गोविंद राधे।
22मन हरे मायामुक्त के बता दे॥ 10818॥
23राम का अर्थ जामें गोविंद राधे।
24रमण करें मायामुक्त बता दे॥ 10819॥