Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
संकीर्तन · पृष्ठ 927
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1दूसरा है हरि का गोविंद राधे।
2गुण का श्रवण अरु कीर्तन बता दे॥ 10796॥
3तीसरा है हरि का गोविंद राधे।
4नाम का श्रवण अरु कीर्तन बता दे॥ 10797॥
5उपनिषदों में तो गोविंद राधे।
6हरि के स्वरूप का निरूपण बता दे॥ 10798॥
7पुराण आदि में तो गोविंद राधे।
8हरि का है रूप, गुण, कीर्तन बता दे॥ 10799॥
9विष्णु सहस्र नाम गोविंद राधे।
10आदि में है नाम संकीर्तन बता दे॥ 10800॥
11हरि नाम रूप एक गोविंद राधे।
12जिसको जो भाये वामें मन को लगा दे॥ 10801॥
13तप यज्ञ कर्म त्रुटि गोविंद राधे।
14हरि नाम कीर्तन क्षमा करवा दे॥ 10802॥
15माया हरि नर्तकी है गोविंद राधे।
16नर्तकी का उलटा कीर्तन करा दे॥ 10803॥
17कीर्तन के तीन भेद गोविंद राधे।
18व्यास नारद हनुमत् पद्धती बता दे॥ 10804॥
19रसना सों कृष्ण कथा गोविंद राधे।
20कहे, व्यासपद्धति बतला दे॥ 10805॥
21वाद्ययुक्त हरिगुण गोविंद राधे।
22गावे सो नारद पद्धति बता दे॥ 10806॥
23नृत्ययुक्त कीर्तन गोविंद राधे।
24कहाये हनुमतपद्धति बता दे॥ 10807॥