Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
संकीर्तन · पृष्ठ 921
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2कलियुग में तो गोविंद राधे।
3कृष्ण नाम गुण लीला साधना बता दे॥ 10730॥
4जग नाम रूप मिथ्या गोविंद राधे।
5हरि नाम रूप सत्य वेद बता दे॥ 10731॥
6हरि नाम चैतन्य गोविंद राधे।
7शुद्ध पूर्ण नामी नाम एक बता दे॥ 10732॥
8कलि में है कीर्तन गोविंद राधे।
9साथ साथ रूपध्यान मन ते करा दे॥ 10733॥
10सतयुग का जो कर्म गोविंद राधे।
11बारह वर्ष में फल दे बता दे॥ 10734॥
12त्रेता का सोई कर्म गोविंद राधे।
13एक वर्ष में ही फल दे दे बता दे॥ 10735॥