Skip to main contentJagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 919
Reading 417 of 452 · Source nos. 10726–10729 · Source PDF 422
1पशुपति पूछती हूँ गोविंद राधे।
2वो तो गोपाल गोकुल में बता दे॥ 10726॥
3जाके तनु नाग सोहे गोविंद राधे।
4वो तो क्षीर सागर में सोया बता दे॥ 10727॥
5जो है विभूतियुक्त गोविंद राधे।
6सो तो तुम्हारे सँग कमला बता दे॥ 10728॥
7विषआहारी पूछूँ गोविंद राधे।
8सो तो ब्रज पूतना के उर में बता दे॥ 10729॥