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Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

लीला माधुरी · पृष्ठ 918

Reading 416 of 452 · Source nos. 10714–10725 · Source PDF 421

1कल्पतरु कृष्ण का गोविंद राधे।

2दान हो गया नारद को बता दे॥ 10714॥

3नारद ने कहा कृष्ण गोविंद राधे।

4उठाओ कमण्डल चलो साथ बता दे॥ 10715॥

5यह लखि सब रानी गोविंद राधे।

6हो गइँ व्याकुल बहुत बता दे॥ 10716॥

7नारद ने कहा यदि गोविंद राधे।

8कृष्ण के बराबर हीरे मोती तुला दे॥ 10717॥

9तो लौटा दूँ मैं गोविंद राधे।

10कृष्ण को अभी तुम सब को बता दे॥ 10718॥

11द्वारिका के हीरे मोती गोविंद राधे।

12कृष्ण के समान नहिं हो सके बता दे॥ 10719॥

13पुनि कहा नारद ने गोविंद राधे।

14तुलसी चढ़ा दो पलड़े में बता दे॥ 10720॥

15सबने वैसा ही किया गोविंद राधे।

16तब समस्या हल हुई थी बता दे॥ 10721॥

17एक दिन उमा घर गोविंद राधे।

18कमला विनोद हित गयी थीं बता दे॥ 10722॥

19कमला ने टेरि कही गोविंद राधे।

20घर में है कोई या नाहिं है बता दे॥ 10723॥

21उमा ने कहा आवो गोविंद राधे।

22पूछती हो काहे को कमला बता दे॥ 10724॥

23तेरा भिखारी कहाँ गोविंद राधे।

24वो बलि मखशाला गया है बता दे॥ 10725॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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