Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 917
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1इमि किया गोपों ने गोविंद राधे।
2ऊधो का सम्मान बता दे॥ 10702॥
3एक बार नारद ने गोविंद राधे।
4कल्पवृक्ष पुष्प दिया कृष्ण को बता दे॥ 10703॥
5कृष्ण ने वह पुष्प गोविंद राधे।
6रुक्मिणी रानी को दे दिया बता दे॥ 10704॥
7नारद गये ढिग गोविंद राधे।
8सत्यभामा किया चुगली बता दे॥ 10705॥
9तुमने कहा था कृष्ण गोविंद राधे।
10मुझको ही सर्वाधिक चाहें बता दे॥ 10706॥
11किन्तु कल्पवृक्ष पुष्प गोविंद राधे।
12तुम्हें छोड़ि रुक्मिणी को दिया है बता दे॥ 10707॥
13यह सुनि सत्यभामा गोविंद राधे।
14क्रोध में मान कर बैठी बता दे॥ 10708॥
15कृष्ण मनाने आये गोविंद राधे।
16कहा कल्पवृक्ष ही ला दूँ बता दे॥ 10709॥
17कल्पवृक्ष ला भी दिया गोविंद राधे।
18सत्यभामा ने तजा मान बता दे॥ 10710॥
19नारद ने पुनि कहा गोविंद राधे।
20मेरी राय मानो सत्यभामा बता दे॥ 10711॥
21कल्पतरु अरु कृष्ण गोविंद राधे।
22दान कर दो श्रेष्ठ पात्र में बता दे॥ 10712॥
23कहा सत्यभामा ने गोविंद राधे।
24तुमते बड़ा पात्र कोई ना बता दे॥ 10713॥