Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 905
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1मुग्ध हो आवें पास गोविंद राधे।
2निर्दयी व्याध वाय मारे बता दे॥ 10558॥
3ऐसे ही छलिया की गोविंद राधे।
4बातों में हम आ गई थीं बता दे॥ 10559॥
5असली रूप वाको गोविंद राधे।
6हुआ है प्रकट अब जाना बता दे॥ 10560॥
7बोलना बंद करु गोविंद राधे।
8हम नाहिं आने की बात में बता दे॥ 10561॥
9देखो मधुकर गोविंद राधे।
10तुम मम हो माननीय बता दे॥ 10562॥
11तुम जो चाहो सो गोविंद राधे।
12माँग लो हम सब देंगीे बता दे॥ 10563॥
13क्या तुम चाहो हो गोविंद राधे।
14हम चलें उनके पास बता दे॥ 10564॥
15हम वहाँ जा के गोविंद राधे।
16करेंगीे भी क्या तू ही बता दे॥ 10565॥
17उनके तो उर में गोविंद राधे।
18सदा उनकी रह कमला बता दे॥ 10566॥
19अच्छा छोड़ो अब गोविंद राधे।
20यह तो बता वे सुखी हैं बता दे॥ 10567॥
21मैया बाबा की गोविंद राधे।
22सुधि भी करते हैं क्या बता दे॥ 10568॥
23सगे सम्बन्धी की गोविंद राधे।
24ग्वालों की सुधि करें क्या बता दे॥ 10569॥