Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 901
Reading 399 of 452 · Source nos. 10510–10521 · Source PDF 404
1हम वनवासिनी गोविंद राधे।
2कृष्ण गुन जनि गा जा जा बता दे॥ 10510॥
3हम सब मानें ना गोविंद राधे।
4जा मना मथुरा नारियाँ बता दे॥ 10511॥
5तेरी चापलूसी गोविंद राधे।
6चले ना हमारे सामने बता दे॥ 10512॥
7मधुपुरवासिनी गोविंद राधे।
8नई नई के गुन गा जा बता दे॥ 10513॥
9उन गुन गाने ते गोविंद राधे।
10मिलेगा तोय पुरस्कार बता दे॥ 10514॥
11हम सब के लिये गोविंद राधे।
12वे हैं विकल झूठ बोले बता दे॥ 10515॥
13उनकी कपट भरी गोविंद राधे।
14मुसकानि ते सब मोहे बता दे॥ 10516॥
15मोहित हो के सब गोविंद राधे।
16उनके ही पास भाजें बता दे॥ 10517॥
17कमला भी वाके गोविंद राधे।
18चरण पलोटे भोरी बता दे॥ 10518॥
19पुनि हम वाके गोविंद राधे।
20सन्मुख किस गिनती में बता दे॥ 10519॥
21उनते भ्रमर कहु गोविंद राधे।
22तुम उत्तमश्लोकनामी बता दे॥ 10520॥
23याते तुम दीनों पै गोविंद राधे।
24दया करो उत्तमश्लोक बता दे॥ 10521॥