Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 897
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1साथ साथ गोपियाँ गोविंद राधे।
2कृष्ण लीला गुन गायें बता दे॥ 10462॥
3सूर्य उदय हुआ गोविंद राधे।
4घर ते निकरीं गोपियाँ बता दे॥ 10463॥
5देखा नन्द-द्वार गोविंद राधे।
6स्वर्ण का रथ एक खड़ा है बता दे॥ 10464॥
7एक दूसरे ते गोविंद राधे।
8पूछने लगीं रथ किसका बता दे॥ 10465॥
9एक गोपी ने कहा गोविंद राधे।
10क्रूर अक्रूर आया होगा बता दे॥ 10466॥
11एक ने कहा क्या गोविंद राधे।
12हमको लेने आया बता दे॥ 10467॥
13एक ने कहा वह गोविंद राधे।
14अब नाहिं आये ब्रज में बता दे॥ 10468॥
15इमि एक दूसरे ते गोविंद राधे।
16बतरा रहीं आये ऊधो बता दे॥ 10469॥
17गोपियों ने लखा गोविंद राधे।
18ये तो हैं कृष्ण जैसे बता दे॥ 10470॥
19आकृति वेशभूषा गोविंद राधे।
20मिलती जुलती कृष्ण ते बता दे॥ 10471॥
21आजानुभुज हैं गोविंद राधे।
22नूतन कमलदल नेत्र बता दे॥ 10472॥
23पीत वसन तन गोविंद राधे।
24गल में कमल की माला बता दे॥ 10473॥