Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 896
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1नर तनु राजस गोविंद राधे।
2सब देह सच्चिदानन्द बता दे॥ 10450॥
3वे हैं अजन्मा गोविंद राधे।
4माया के गुण ते अतीत बता दे॥ 10451॥
5लीला के हेतु तो गोविंद राधे।
6तीनों गुण अपनावें बता दे॥ 10452॥
7तीनों गुणों ते गोविंद राधे।
8सृष्टि स्थिति प्रलय करें वे बता दे॥ 10453॥
9कृष्ण तो सब के ही गोविंद राधे।
10स्वामी सखा सुत पति हैं बता दे॥ 10454॥
11कृष्ण ते पृथक तो गोविंद राधे।
12एक परमाणु भी नहीं है बता दे॥ 10455॥
13सारा जग उनके गोविंद राधे।
14एक अंश ते है व्याप्त बता दे॥ 10456॥
15वे ही हैं सब कछु गोविंद राधे।
16वे ही हैं परमार्थ सत्य बता दे॥ 10457॥
17ऐसे ही ऊधो नन्द गोविंद राधे।
18कृष्ण की बातें रहे करते बता दे॥ 10458॥
19बातों में बीत गयी गोविंद राधे।
20रात, हो गई परभात बता दे॥ 10459॥
21गोपियाँ भी उठीं गोविंद राधे।
22निज गृहकाज में लग गयीं बता दे॥ 10460॥
23झाड़ू बुहारी दै गोविंद राधे।
24दधिमन्थन करें सबरी बता दे॥ 10461॥