Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 892
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1राम श्याम ध्यान में गोविंद राधे।
2हम सब हो जायें तन्मय बता दे॥ 10402॥
3याते हमारे काम गोविंद राधे।
4ठीक ठीक हो नहिं पायें बता दे॥ 10403॥
5यही वह यमुना गोविंद राधे।
6जामें किये थे क्रीड़ा बता दे॥ 10404॥
7वही गोवर्धन गोविंद राधे।
8जिसको उठाया कर ते बता दे॥ 10405॥
9वही मधुवन है गोविंद राधे।
10जहाँ चराये गैयाँ बता दे॥ 10406॥
11वही यह भूमि है गोविंद राधे।
12जहाँ सखन सँग खेले बता दे॥ 10407॥
13उनके चरण चिह्न गोविंद राधे।
14अभी भी मिटे नाहिं बने हैं बता दे॥ 10408॥
15हम सब जानते हैं गोविंद राधे।
16वे श्याम राम भगवान हैं बता दे॥ 10409॥
17जीव कल्याण हित गोविंद राधे।
18लै अवतार ब्रज आये बता दे॥ 10410॥
19गर्गाचार्य ने गोविंद राधे।
20हमको बताया पूर्व ही बता दे॥ 10411॥
21जैसे सिंह पशुओं को गोविंद राधे।
22बिनु ही प्रयास मार डाले बता दे॥ 10412॥
23वैसे मारा कंस को गोविंद राधे।
24मेरे पुत्र श्रीकृष्ण ने बता दे॥ 10413॥