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Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

लीला माधुरी · पृष्ठ 884

Reading 382 of 452 · Source nos. 10311–10322 · Source PDF 387

1अक्रूर आज्ञा लै गोविंद राधे।

2गये जल यमुना नहाने बता दे॥ 10311॥

3डुबकी लगाई जब गोविंद राधे।

4भीतर श्याम राम देखा बता दे॥ 10312॥

5अति अचरज हुआ गोविंद राधे।

6अक्रूर को निज मन में बता दे॥ 10313॥

7जल ऊपर सिर गोविंद राधे।

8करि देखा श्याम राम को बता दे॥ 10314॥

9श्याम राम पूर्ववत गोविंद राधे।

10बैठे थे रथ पै ही बता दे॥ 10315॥

11डुबकी लगाई पुनि गोविंद राधे।

12भीतर श्याम राम देखा बता दे॥ 10316॥

13भीतर देखा शेष गोविंद राधे।

14सहस्र सिर वारे भी हैं बता दे॥ 10317॥

15प्रत्येक फण पै गोविंद राधे।

16शेष जी मुकुट धारे हैं बता दे॥ 10318॥

17उज्चल तनु पै गोविंद राधे।

18नील वसन भल सोहे बता दे॥ 10319॥

19शेष की गोद में गोविंद राधे।

20शोभायमान हैं श्याम बता दे॥ 10320॥

21श्याम चतुर्भुज गोविंद राधे।

22नील तनु पीतपट धारे बता दे॥ 10321॥

23चितवनि मुसकनि गोविंद राधे।

24बरबस चित को चोरे बता दे॥ 10322॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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