लोड हो रहा है…लोड हुँदैछ…
Skip to main content
Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

लीला माधुरी · पृष्ठ 880

Reading 378 of 452 · Source nos. 10263–10274 · Source PDF 383

1कोटि काम कमनीय गोविंद राधे।

2श्याम मिलन लिखा पूर्व में बता दे॥ 10263॥

3पुनि लिखा तुमने गोविंद राधे।

4दुःख असह्य विप्रयोग का बता दे॥ 10264॥

5अब श्याम मथुरा गोविंद राधे।

6जा रहे हैं जिवुँ कैसे बता दे॥ 10265॥

7अक्रूर निर्दोष गोविंद राधे।

8तुम विधाता अति क्रूर बता दे॥ 10266॥

9सुनते हैं तुम गोविंद राधे।

10बूढ़े हो चले आयु में बता दे॥ 10267॥

11याते तुम्हारी मति गोविंद राधे।

12सठिया गई है अवशि बता दे॥ 10268॥

13अरी ब्रज गोपियों गोविंद राधे।

14देखो श्याम निष्ठुरता बता दे॥ 10269॥

15पहले तो श्याम ने गोविंद राधे।

16कहा हम तुम बिनु जियें ना बता दे॥ 10270॥

17अब देखो क्षण में गोविंद राधे।

18गये भूलि ज्यों स्वप्न बता दे॥ 10271॥

19हम सब लोगों ने गोविंद राधे।

20तजि सर्वस्व किया प्रेम बता दे॥ 10272॥

21अब वो ही श्याम गोविंद राधे।

22हम सब की ओर लखें ना बता दे॥ 10273॥

23आज रात को प्रभात गोविंद राधे।

24मथुरा की नारियों का होगा बता दे॥ 10274॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

Source edition and PDF · Text version