Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 866
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1सबमें रमा है श्याम गोविंद राधे।
2परदारागामी जार कैसे बता दे॥ 10095॥
3जीवों का परमपति गोविंद राधे।
4परदारागामी जार कैसे बता दे॥ 10096॥
5आत्मा की आत्मा हरि गोविंद राधे।
6पर दारा रमण है कैसे बता दे॥ 10097॥
7सब तो उसी के हैं गोविंद राधे।
8पर कौन है वाको नाम बता दे॥ 10098॥
9कृष्ण की वंशी बजी गोविंद राधे।
10गोपियाँ भागीं मिलन को बता दे॥ 10099॥
11रास की मुरली धुनि गोविंद राधे।
12राधा को बुलाने की नाहिं थी बता दे॥ 10100॥
13योगमाया अर्थ गोविंद राधे।
14भानुनन्दिनी राधारानी बता दे॥ 10101॥
15राधारानी प्रेरणा ते गोविंद राधे।
16अन्य गोपियों ने पाया रास बता दे॥ 10102॥
17रास की मुरली धुनि गोविंद राधे।
18ब्रज गोपी जन हेतु ही थी बता दे॥ 10103॥
19प्रेम समाधियुक्त गोविंद राधे।
20गोपियों का भागना विचित्र था बता दे॥ 10104॥
21कोइ गाय दुहना तजि गोविंद राधे।
22मटुकी पटकि भागी मिलन को बता दे॥ 10105॥
23लेपन मार्जन गोविंद राधे।
24दधि मन्थन तजि भागी बता दे॥ 10106॥