Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 851
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1नीली नीली भौंहे करु गोविंद राधे।
2नीले नीले रंग ते पलक रँगा दे॥ 9915॥
3नीला नीला बिस्तर गोविंद राधे।
4नीले नीले रंग ते पलँग रंगा दे॥ 9916॥
5नीला नीला जल पियो गोविंद राधे।
6यमुना का, नीला रंग घर रँगवा दे॥ 9917॥
7गौवन बछरन गोविंद राधे।
8नीला नीला रंग सब तनु रँगवा दे॥ 9918॥
9दूध दही वारी गोविंद राधे।
10मटुकिन नीला नीला रंग लगा दे॥ 9919॥
11चलु नन्दबाबा ढिग गोविंद राधे।
12सिर नीली नीली पगड़ी पहिरा दे॥ 9920॥
13नीले नीले केश करु गोविंद राधे।
14बाबा की दाढ़ी नीली नीली करा दे॥ 9921॥
15चलु री यशोदा ढिग गोविंद राधे।
16वाउव नीली नीली सारी पहिरा दे॥ 9922॥
17चलु ग्वाल बाल ढिग गोविंद राधे।
18उनहुन नीली नीली कछनी कछा दे॥ 9923॥
19छोटा शिशु रोये जो तो गोविंद राधे।
20नीला नीला झुनझुना कान में सुना दे॥ 9924॥
21छोटा शिशु रोये जो तो गोविंद राधे।
22नीला नीला चट्टू वाके मुख में डला दे॥ 9925॥
23छोटा शिशु रोये जो तो गोविंद राधे।
24अँगुली ते नीला आकाश दिखा दे॥ 9926॥