Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 849
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1होरी की ठिठोरी लखु गोविंद राधे।
2परम पुरुष को भी छोरी बना दे॥ 9891॥
3ब्रह्म को बना के छोरी गोविंद राधे।
4कुंज में नचा के गोरी होरी मना दे॥ 9892॥
5ब्रह्म था नपुंसक गोविंद राधे।
6ब्रज गोरी होरी में छोरी बना दे॥ 9893॥
7दर्पण छवि लखि गोविंद राधे।
8श्याम वर माँगें विधि नारी बना दे॥ 9894॥
9ब्रह्मा तो बना ना पाया गोविंद राधे।
10ब्रज गोरी होरी में छोरी बना दे॥ 9895॥
11बलिहारी ब्रजगोरी गोविंद राधे।
12ब्रह्म को भी होरी में छोरी बना दे॥ 9896॥
13ब्रह्म को भी होरी में गोविंद राधे।
14छोरी बना के ब्रज गोरी नचा दे॥ 9897॥
15होरी देखो ब्रज गोरी गोविंद राधे।
16नारी रचयिता को नारी नचा दे॥ 9898॥
17लाल को बना के लाली गोविंद राधे।
18कुंज में नचा के आली लाल खिझा दे॥ 9899॥
19कारी कारी प्यारी प्यारी गोविंद राधे।
20लखि पूछें प्यारी काकी प्यारी बता दे॥ 9900॥
21प्यारी छवि लखि प्यारी गोविंद राधे।
22कह कोउ माथे काला टीका लगा दे॥ 9901॥
23ललिता कही लाली गोविंद राधे।
24सारी तनु कारी टीका कहाँ पै लगा दे॥ 9902॥