Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 840
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1और कछु बात कर गोविंद राधे।
2और कछु बात सोच मन में बता दे॥ 9783॥
3श्री जू ने तुरत गोविंद राधे।
4ललिता सखी को दई टेर बता दे॥ 9784॥
5अरी सखि ललिता तू गोविंद राधे।
6या सखि श्यामा को समझा बता दे॥ 9785॥
7यह है भोरीभारी गोविंद राधे।
8श्याम प्रेम रोग लगा बैठी बता दे॥ 9786॥
9श्यामा ने ललिता को गोविंद राधे।
10देखा हँसी आँखि मारी बता दे॥ 9787॥
11तब कह ललिता ने गोविंद राधे।
12लाली यह श्यामा है श्याम बता दे॥ 9788॥
13लाल ने कही लाली गोविंद राधे।
14देखो तो सावन घटा को बता दे॥ 9789॥
15चहुँ दिशि हरियाली गोविंद राधे।
16सब आली झूलि रहिं झूला बता दे॥ 9790॥
17आप भी पधारो अब गोविंद राधे।
18झूलन को भूल चूक क्षमा दो बता दे॥ 9791॥
19लाली ने कहा हँसि गोविंद राधे।
20चलो लाल संग संग झूलें बता दे॥ 9792॥
21सखियाँ बजावें गावें गोविंद राधे।
22मन हरषावे दोउन को बता दे॥ 9793॥
23झूलन बैठे दोउ गोविंद राधे।
24प्रिया अरु प्रियतम गलबँहियाँ दे॥ 9794॥