Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 837
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1सखी कह श्याम सों गोविंद राधे।
2सावन आया सुहावना बता दे॥ 9747॥
3श्यामा श्याम सखी मिलि गोविंद राधे।
4करु कोइ नइ झूला लीला बता दे॥ 9748॥
5श्याम ने कहा सखि गोविंद राधे।
6जा जा जा बुला ला श्यामा को बता दे॥ 9749॥
7सखि गइ श्यामा ढिंग गोविंद राधे।
8कहा सुनु श्यामा स्वामिनी बता दे॥ 9750॥
9मन हरषावन गोविंद राधे।
10सावन में घिरे बदरा बता दे॥ 9751॥
11सबै सखि निज निज गोविंद राधे।
12पिय सँग झूलि रहिं झूला बता दे॥ 9752॥
13मधुर सुर गाय रहीं गोविंद राधे।
14राग मलार बलिहार बता दे॥ 9753॥
15आप भी पधारो श्यामा गोविंद राधे।
16झूलन को श्याम संग बता दे॥ 9754॥
17श्याम तो सजधज गोविंद राधे।
18परख रहे हैं तो को बता दे॥ 9755॥
19श्याम का सौन्दर्य गोविंद राधे।
20कोटि काम कमनीय दीखे बता दे॥ 9756॥
21लाली कह कालि वाने गोविंद राधे।
22कहा था आवूँगो भोर ही बता दे॥ 9757॥
23साँझ होने को आई गोविंद राधे।
24आयो न लँगर कहुँ गयो है बता दे॥ 9758॥