Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 834
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1इसकी बोली तो गोविंद राधे।
2जग में सब ते ही मधुर बता दे॥ 9711॥
3किन्तु रंग इसका है गोविंद राधे।
4प्रियतम रंग ज्यों काला बता दे॥ 9712॥
5प्रिया ने ललिता को गोविंद राधे।
6हँसि के उर ते लगाया बता दे॥ 9713॥
7लाल जू बोले सखि गोविंद राधे।
8काहे हँसीं स्वामिनी जू बता दे॥ 9714॥
9उर ते लगाई क्यों गोविंद राधे।
10कौन बात पै प्यारी रीझी बता दे॥ 9715॥
11ललिता बोली लाल गोविंद राधे।
12कारी कोकिल कूकी बता दे॥ 9716॥
13प्यारी ने वाको गोविंद राधे।
14नाम पूछ्यो हतो मोते बता दे॥ 9717॥
15लाल ने कहा सखि गोविंद राधे।
16तूने प्रिया सों कहा का बता दे॥ 9718॥
17मैं बोली कोकिल गोविंद राधे।
18बोल है मधुर तनु कारी बता दे॥ 9719॥
19यह सुनि प्यारी जू गोविंद राधे।
20हँसि परिं लियो चिपटाय बता दे॥ 9720॥
21लाल जी बोले सखि गोविंद राधे।
22श्याम रंग की कीनी हाँसी बता दे॥ 9721॥
23या श्याम रंग की गोविंद राधे।
24हँसी उड़ावो जनि ललिता बता दे॥ 9722॥