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Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

लीला माधुरी · पृष्ठ 830

Reading 328 of 452 · Source nos. 9663–9674 · Source PDF 333

1मैं जब बोलूँ तब गोविंद राधे।

2वह जलपरी भी बोले बता दे॥ 9663॥

3मैं जब हँसूँ तब गोविंद राधे।

4वह जलपरी भी हँसि दे बता दे॥ 9664॥

5जल ते बाहर गोविंद राधे।

6मिलने न आवे मोते बता दे॥ 9665॥

7या तो डरे यह गोविंद राधे।

8या तो न जाने प्रेम ही बता दे॥ 9666॥

9सखी तू बता मोय गोविंद राधे।

10कैसे मिलेगी जलपरी बता दे॥ 9667॥

11सखी मन जानि गई गोविंद राधे।

12प्यारी अति भोरीभारी बता दे॥ 9668॥

13सखी ने कहा प्यारी गोविंद राधे।

14आज नहिं कालि मिलवावूँ बता दे॥ 9669॥

15प्यारी ने कहा सखि गोविंद राधे।

16तू तो मोय बहकावे बता दे॥ 9670॥

17सखि ने कहा प्यारी गोविंद राधे।

18तुम सी भोरी तुम ही बता दे॥ 9671॥

19सखी तू माने नाँय गोविंद राधे।

20मैंने आँखिन देखी बता दे॥ 9672॥

21प्रिया ने कहा सखि गोविंद राधे।

22तू माने निरी भोरी बता दे॥ 9673॥

23सखि गइ लाल ढिंग गोविंद राधे।

24उनको बताई बात बता दे॥ 9674॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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