Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 823
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1नैनों में श्वेतिमा गोविंद राधे।
2लालिमा अरु कालिमा है बता दे॥ 9579॥
3तीनों रंगों को गोविंद राधे।
4श्याम मानें रस की त्रिवेणी बता दे॥ 9580॥
5नैन अति मतवारे गोविंद राधे।
6अनियारे अरु कजरारे बता दे॥ 9581॥
7नैन माधुर्य रस गोविंद राधे।
8श्याम नित पीते न अघाते बता दे॥ 9582॥
9नासिका के नीचे है गोविंद राधे।
10बेसर सुघर झलमलाती बता दे॥ 9583॥
11प्रिया के अधरों ते गोविंद राधे।
12बिम्बफल भी हो तिरस्कृत बता दे॥ 9584॥
13बंधूक पुष्प भी गोविंद राधे।
14प्रिया अधर लखि लज्जित बता दे॥ 9585॥
15चिबुक श्याम रंग की गोविंद राधे।
16बिन्दी श्याम मनभावनी बता दे॥ 9586॥
17मानो मनमोहन मन गोविंद राधे।
18मुख रस पिये बनि भ्रमर बता दे॥ 9587॥
19गौर तनु नील पट गोविंद राधे।
20जो भी देखे बस देखे बता दे॥ 9588॥
21अरु णिम कंचुकी गोविंद राधे।
22छवि की न उपमा जग में बता दे॥ 9589॥
23प्रिया के कंठ में गोविंद राधे।
24मोतिन दुलरी तिलरी बता दे॥ 9590॥