Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 822
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1सुगंधित तेल लै गोविंद राधे।
2प्रिया के केश में लगाया बता दे॥ 9567॥
3पुनि लै ककई गोविंद राधे।
4केश की बनाई वेणी बता दे॥ 9568॥
5प्रिया के लम्बे घने गोविंद राधे।
6काले सचिक्कन केश बता दे॥ 9569॥
7गुंफन काल में ही गोविंद राधे।
8कुंचित केश मोहे श्याम को बता दे॥ 9570॥
9सीमन्त भाग पै गोविंद राधे।
10शीशफूल छवि अनुपम थी बता दे॥ 9571॥
11गौर ललाट पै गोविंद राधे।
12मणिमय बेंदी चमक बता दे॥ 9572॥
13भौंह कमान तो गोविंद राधे।
14कान्ह की ले लेगी प्रान बता दे॥ 9573॥
15श्यामा के कानों में गोविंद राधे।
16कर्णफूल हैं झलमलाते बता दे॥ 9574॥
17जिन्हें लखि श्याम की गोविंद राधे।
18पलकें भूलि जायें गिरना बता दे॥ 9575॥
19सिर पर ते एक लट गोविंद राधे।
20लटकी कपोल पै प्यारी बता दे॥ 9576॥
21वह लट तो है मानो गोविंद राधे।
22श्याम को फँसाने का पाश बता दे॥ 9577॥
23बाँके विशाल नैन गोविंद राधे।
24अति ही रसीले नुकीले बता दे॥ 9578॥