Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 818
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1देखि लइ ललिता ने गोविंद राधे।
2कंचुकी में छुपी मुरली बता दे॥ 9519॥
3राधा ने आगे बढ़ि गोविंद राधे।
4मुरली निकारि लइ कर ते बता दे॥ 9520॥
5मैया सखिन अरु गोविंद राधे।
6नंदलाल भी लगे हँसने बता दे॥ 9521॥
7एक दिन एक सखि गोविंद राधे।
8आई ढिग राधारानी के बता दे॥ 9522॥
9वाने बताई सब गोविंद राधे।
10जो कछु वापै बीती बता दे॥ 9523॥
11वाने कही प्यारी जू गोविंद राधे।
12हौं घट भरन गई थी बता दे॥ 9524॥
13जाने कहाँ ते आयो गोविंद राधे।
14यमुना तट सो लँगर बता दे॥ 9525॥
15आके कही मोते गोविंद राधे।
16कालि दई क्यों री गारी बता दे॥ 9526॥
17बँहियाँ मरोरी मोरी गोविंद राधे।
18जल भरी गागरि फोरी बता दे॥ 9527॥
19कहा राधारानी ने गोविंद राधे।
20चलो मैया ते बताओ बता दे॥ 9528॥
21सखी ने कहा श्यामा गोविंद राधे।
22सौ बार दीनो उराहनो बता दे॥ 9529॥
23किन्तु मैया ने कभु गोविंद राधे।
24नाहिं माना हम सब की बता दे॥ 9530॥