Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 810
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1नासा बेसर गोविंद राधे।
2कान में कुण्डल लोल बता दे॥ 9423॥
3मणिन मोतियन गोविंद राधे।
4गल शोभित है हार बता दे॥ 9424॥
5भुजन में बाजूबंद गोविंद राधे।
6कर करपत्र कंकन हैं बता दे॥ 9425॥
7कटि तट किंकिनि गोविंद राधे।
8पग में नूपुर कनक बता दे॥ 9426॥
9अँगुरिन बिछुवनि गोविंद राधे।
10सब ही हैं मूल्यवान बता दे॥ 9427॥
11नखमणि चन्द्रिका गोविंद राधे।
12लखि लाजें चन्द्र कोटि बता दे॥ 9428॥
13पूर्व में भी दान गोविंद राधे।
14लेती रहीं मेरी इन्द्रियाँ बता दे॥ 9429॥
15तुम भी मेरा पक्ष गोविंद राधे।
16लै के दिला दो मोय दान बता दे॥ 9430॥
17मेरा सम्मान करो गोविंद राधे।
18जनि करो मेरी उपेक्षा बता दे॥ 9431॥
19लाल की बात सुनि गोविंद राधे।
20ललिता हँस कर बोलीं बता दे॥ 9432॥
21आपु रस मर्मज्ञ गोविंद राधे।
22रसिकन के सिरमौर बता दे॥ 9433॥
23यह रूप रस तो गोविंद राधे।
24नहिं मिले बरजोरी ते बता दे॥ 9434॥