Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 809
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1यह संविधान तुम गोविंद राधे।
2जाके बता दो निज प्रिया को बता दे॥ 9411॥
3ललिता बोलीं लाल गोविंद राधे।
4कब ते चलाई नई रीति बता दे॥ 9412॥
5किसने आज्ञा दी गोविंद राधे।
6किस अधिकार ते माँगो बता दे॥ 9413॥
7वृन्दावन में तो गोविंद राधे।
8दान का विधान कभु नाँय था बता दे॥ 9414॥
9तो को का पतो नाँय गोविंद राधे।
10वृन्दावन राधा रानी का बता दे॥ 9415॥
11वृन्दावन की हैं गोविंद राधे।
12रानी एकमात्र राधा बता दे॥ 9416॥
13रानी की आज्ञा बिनु गोविंद राधे।
14दान माँगना अपराध बता दे॥ 9417॥
15अतएव चुपचाप गोविंद राधे।
16लौट जावो निज भवन बता दे॥ 9418॥
17जिनको यह राज्य है गोविंद राधे।
18उनते ही दान माँगो निलज बता दे॥ 9419॥
19लाल कह ललिता गोविंद राधे।
20तुम मानो या ना मानो बता दे॥ 9420॥
21राधा के रूप के गोविंद राधे।
22मेरे नैन दानी हैं सदा ते बता दे॥ 9421॥
23राधा सीमन्त पै गोविंद राधे।
24अनमोल मुक्तामाल बता दे॥ 9422॥