Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 808
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1श्यामा श्याम सोयेंगे गोविंद राधे।
2सखि सोने वाला गीत गा केसुना दे॥ 9399॥
3सोने का गीत गावो गोविंद राधे।
4नींद आयी नैन श्यामा श्याम को सुला दे॥ 9400॥
5नींद में थे सोये दोनों गोविंद राधे।
6कोउ सखि पग चापै कोउ हवा दे॥ 9401॥
7वंशीवट पै गोविंद राधे।
8खरे भये श्याम बनि दानी बता दे॥ 9402॥
9दानी का अर्थ है गोविंद राधे।
10कर को माँगने वाला बता दे॥ 9403॥
11इतने में उत ते गोविंद राधे।
12आईं राधा रानी बता दे॥ 9404॥
13उनके साथ थीं गोविंद राधे।
14ललिता विशाखा आदि बता दे॥ 9405॥
15लाली को देखा जब गोविंद राधे।
16लाल तो भये संकुचित बता दे॥ 9406॥
17सम्मान देवे को गोविंद राधे।
18हट गये दूर कछु मग ते बता दे॥ 9407॥
19पुनि संकेत ते ही गोविंद राधे।
20ललिता सखी को बुलाया बता दे॥ 9408॥
21अति ही नम्रता ते गोविंद राधे।
22कहा ललिता ते कहो प्रिया ते बता दे॥ 9409॥
23यहाँ हम सब ही ते गोविंद राधे।
24दान माँगते लेते हैं बता दे॥ 9410॥