Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 806
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1सखी ने कहा प्यारी गोविंद राधे।
2तुम हो पिय प्राणप्यारी बता दे॥ 9375॥
3प्राण बिनु तनु भला गोविंद राधे।
4कैसे रहे एक पल भी बता दे॥ 9376॥
5सखी ने प्यारी के गोविंद राधे।
6कान में कही कछु धीरे बता दे॥ 9377॥
7तब तज्यो मान प्रिया गोविंद राधे।
8लीनो भरि अंक प्यारे को बता दे॥ 9378॥
9लाली लाल दोनों ही गोविंद राधे।
10सो गये शैया में संग बता दे॥ 9379॥
11ललिता चरण चापें गोविंद राधे।
12लाल लखि लखि ललचायें बता दे॥ 9380॥
13लाल कह धीरे ते गोविंद राधे।
14ललिता हा हा खाउँ बता दे॥ 9381॥
15नेकु मोको हूँ गोविंद राधे।
16चरण पलोटन देहु बता दे॥ 9382॥
17ललिता कहीं लाल गोविंद राधे।
18आओ पलोटो चरण बता दे॥ 9383॥
19किन्तु होले होले गोविंद राधे।
20जानि न पावें लाली बता दे॥ 9384॥
21नहीं तो मेरी भी गोविंद राधे।
22छुट्टी होगी लाल जू बता दे॥ 9385॥
23लाल जू पलोटें पग गोविंद राधे।
24ललिता खरी मुसकायें बता दे॥ 9386॥