Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 804
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1तहाँ जाय लाली लाल गोविंद राधे।
2सुख ते सो गये संग बता दे॥ 9351॥
3थोड़ी ही देर में गोविंद राधे।
4लाल उठे चुपचाप बता दे॥ 9352॥
5हाथ में पंखा लै गोविंद राधे।
6हवा लगे करने मुख पै बता दे॥ 9353॥
7प्रिया जू जाग गइँ गोविंद राधे।
8देखा करें पंखा लाल जू बता दे॥ 9354॥
9प्रिया जू बोलीं पिय गोविंद राधे।
10आओ अब सो जावो बता दे॥ 9355॥
11प्रिया के डर ते गोविंद राधे।
12लाल सोये शैया जाय बता दे॥ 9356॥
13लाल ने देखा जब गोविंद राधे।
14लाली जु सो गइँ नींद में बता दे॥ 9357॥
15लाल जू उठे पुनि गोविंद राधे।
16चरण पलोटन लागे बता दे॥ 9358॥
17पुनि उठि प्यारी जू गोविंद राधे।
18लाल को पकर्यो हाथ बता दे॥ 9359॥
19प्रिया कह छोड़ो हटो गोविंद राधे।
20यह है बुरी बानि प्यारे बता दे॥ 9360॥
21प्यारी सोचें मन गोविंद राधे।
22पिय को कितनो प्रेम बता दे॥ 9361॥
23मेरे ही सुख का गोविंद राधे।
24छिन छिन राखें ध्यान बता दे॥ 9362॥