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Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

लीला माधुरी · पृष्ठ 802

Reading 300 of 452 · Source nos. 9327–9338 · Source PDF 305

1आप भी जानें यह गोविंद राधे।

2आप की उपेक्षा असह्य बता दे॥ 9327॥

3यदि आप मानो यह गोविंद राधे।

4मैंने किया अपराध बता दे॥ 9328॥

5तो जो चाहे सो गोविंद राधे।

6दण्ड दें हम भोगेंगे बता दे॥ 9329॥

7आप की सौगन्ध गोविंद राधे।

8आप के वियोग सम दुख ना बता दे॥ 9330॥

9और जो चाहे करें गोविंद राधे।

10किन्तु आप मान को तजि दें बता दे॥ 9331॥

11मेरी तो गति मति गोविंद राधे।

12आप के चरण कमल हैं बता दे॥ 9332॥

13आप ही मेरी गोविंद राधे।

14जीवन प्रान सर्वस्व हैं बता दे॥ 9333॥

15आप मम आत्मा गोविंद राधे।

16आत्मा बिनु देह शव है बता दे॥ 9334॥

17आप मेरी ह्लादिनी हैं गोविंद राधे।

18ह्लादिनी बिनु ह्लाद लेश ना बता दे॥ 9335॥

19आप प्रेमदात्री हैं गोविंद राधे।

20प्रेम बिनु सब कछु शून्य है बता दे॥ 9336॥

21याते अब मान तजो गोविंद राधे।

22भलो बुरो जो हूँ हूँ आपको बता दे॥ 9337॥

23तुम्हरो मान लखि गोविंद राधे।

24सब मानें मोको ही दोषी बता दे॥ 9338॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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