Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 794
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1ऐसो लगे सो है गोविंद राधे।
2बड़े घरन की बेटी बता दे॥ 9231॥
3भामिनि को सखि गोविंद राधे।
4लै गइ भीतर महल बता दे॥ 9232॥
5प्रिया ने बिठाया वाय गोविंद राधे।
6अपने पलँग पै साथ बता दे॥ 9233॥
7पुनि पूछा श्री जू ने गोविंद राधे।
8निज गाम नाम निज बाबा बता दे॥ 9234॥
9इत कित आई तू गोविंद राधे।
10सुन्दरताहूँ सुन्दरी बता दे॥ 9235॥
11नाम है प्रेमिका गोविंद राधे।
12गाम मेरा प्रेम नगर है बता दे॥ 9236॥
13बाबा का नाम है गोविंद राधे।
14प्रेम सागर आभीर बता दे॥ 9237॥
15छप्पन व्यंजन गोविंद राधे।
16भामिनि को खिलाया प्रिया ने बता दे॥ 9238॥
17पुनि दीनी पान बीरी गोविंद राधे।
18लीनी बलैया पुनि वाकी बता दे॥ 9239॥
19भामिनि बोली अब गोविंद राधे।
20जावूँ निज घर श्री जू बता दे॥ 9240॥
21लाली कहीं साँझ भई गोविंद राधे।
22यहीं सो जा जनि जा घर को बता दे॥ 9241॥
23जब चिपटायो वाय गोविंद राधे।
24लाली ने चुभी उर बंसरी बता दे॥ 9242॥