Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 793
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1सखी बात मानि गई गोविंद राधे।
2भामिनि श्री जू के द्वार बता दे॥ 9219॥
3भामिनि सुन्दरता गोविंद राधे।
4लखि द्वार सखि भई चकित बता दे॥ 9220॥
5ऐसी सुन्दरता गोविंद राधे।
6त्रिभुवन में नहिं देखी बता दे॥ 9221॥
7द्वार सखी गई गोविंद राधे।
8लाली को बताने महल बता दे॥ 9222॥
9द्वार सखी बोली गोविंद राधे।
10श्री जू एक आई भामिनी बता दे॥ 9223॥
11नीलमणि अनुहार गोविंद राधे।
12रोम रोम रति बलिहार बता दे॥ 9224॥
13अतलस की सारी गोविंद राधे।
14जरीदार अँगिया अरु ण बता दे॥ 9225॥
15भूषन वसन तनु गोविंद राधे।
16जो देखे रहे ठग्यो सो बता दे॥ 9226॥
17लाली जू देखि वाय गोविंद राधे।
18मेरी बात तुमहूँ मानोगी बता दे॥ 9227॥
19श्री जी बोलीं सखि गोविंद राधे।
20ऐसी सुन्दरी क्यों आई बता दे॥ 9228॥
21वेगि बुलावो वाको गोविंद राधे।
22सम्मान ते लै आवो बता दे॥ 9229॥
23देखें सुन्दरता गोविंद राधे।
24बातें वाते बतरायें बता दे॥ 9230॥