Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 791
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1लाल बोले लाली जू गोविंद राधे।
2मेरी भी तो कछु सुन लो बता दे॥ 9195॥
3जाको तुम मानो और गोविंद राधे।
4मेरे उर में सुन्दरी बता दे॥ 9196॥
5वह कोइ और नहिं गोविंद राधे।
6तुम्हरी ही परछाईं बता दे॥ 9197॥
7कौस्तुभ मणि महँ गोविंद राधे।
8तुमने लखी परछाईं बता दे॥ 9198॥
9लाली ने मानी नहिं गोविंद राधे।
10लाल की साँची बात बता दे॥ 9199॥
11इतने में आई तहँ गोविंद राधे।
12औचक एक सखि कहूँ ते बता दे॥ 9200॥
13सखी ने भी लाल सों गोविंद राधे।
14पूछा उदास क्यों लाल जू बता दे॥ 9201॥
15कहा कोउ मूल्यवान गोविंद राधे।
16वस्तु खो गई है तुम्हरी बता दे॥ 9202॥
17या तुम चौसर में गोविंद राधे।
18हारि गये लाली ते का बता दे॥ 9203॥
19लाल कह सखि सुनु गोविंद राधे।
20लाली हैं भोरीभारी बता दे॥ 9204॥
21कौस्तुभ मणि बिच गोविंद राधे।
22देखा निज प्रतिबिम्ब बता दे॥ 9205॥
23वाको मानि और नारी गोविंद राधे।
24करि लीनो मान बिनु बात बता दे॥ 9206॥