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Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

लीला माधुरी · पृष्ठ 781

Reading 279 of 452 · Source nos. 9075–9086 · Source PDF 284

1साँवरी बोली रानी गोविंद राधे।

2साँवरे ने भेजा मोय बता दे॥ 9075॥

3तो को मनाइवे को गोविंद राधे।

4आई हूँ लाल को क्षमा दो बता दे॥ 9076॥

5तुम्हरो विरह दुःख गोविंद राधे।

6उनते है असहनीय बता दे॥ 9077॥

7पुनि पुनि हा राधे! गोविंद राधे।

8कहि गिरें क्षिति मुर्छित ह्वै बता दे॥ 9078॥

9हौं ही नहिं सारी सखि गोविंद राधे।

10उनके दुख ते दुखी हैं बता दे॥ 9079॥

11तुम भी वियोग में तो गोविंद राधे।

12मानो ना मानो दुखी हो बता दे॥ 9080॥

13तुम तो जानो हो गोविंद राधे।

14श्याम हैं सबके ही प्राण बता दे॥ 9081॥

15लाली कहीं साँवरी गोविंद राधे।

16घूँघट ओट क्यों बोले बता दे॥ 9082॥

17साँवरी बोली रानी गोविंद राधे।

18हौं तो न जानौं राजरीति बता दे॥ 9083॥

19बड़न सों डर लागे गोविंद राधे।

20याते न खोलूँ घूँघट बता दे॥ 9084॥

21प्यारी जू कर जोरूँ गोविंद राधे।

22पैंयाँ परुँ लेउँ बलैया बता दे॥ 9085॥

23हा हा खाऊँ बार बार गोविंद राधे।

24अब तजो मान चलो लाल पै बता दे॥ 9086॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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