Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 780
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1मानिनी को मान तो गोविंद राधे।
2तोय लखि आपु ही जायगो बता दे॥ 9063॥
3साँवरी गई तुरत गोविंद राधे।
4बरसाने श्री जू द्वार बता दे॥ 9064॥
5तहाँ मिली एक सखि गोविंद राधे।
6वाते कही मोय प्रिया ते मिला दे॥ 9065॥
7तेरो उपकार मानूँ गोविंद राधे।
8तू जो कहे सोई करूँगी बता दे॥ 9066॥
9इतने में आईं और गोविंद राधे।
10सखियाँ घेरि लइ साँवरी बता दे॥ 9067॥
11सबने कही इत्ती गोविंद राधे।
12सुन्दरी न देखी कभु ब्रज में बता दे॥ 9068॥
13सखी गई श्यामा ढिग गोविंद राधे।
14कही एक सुन्दरी साँवरी बता दे॥ 9069॥
15आई है मिलिवे को गोविंद राधे।
16वाय लखि सखि बलिहार बता दे॥ 9070॥
17इतने में लाली आईं गोविंद राधे।
18लै गईं साँवरी को महल बता दे॥ 9071॥
19पूछा साँवरी ते गोविंद राधे।
20कहा नाम तेरो कहा गाम बता दे॥ 9072॥
21साँवरी बोली मेरो गोविंद राधे।
22नाम मोहिनी ग्राम प्रेमपुर बता दे॥ 9073॥
23पुनि पूछा लाड़ली ने गोविंद राधे।
24साँचु बता क्यों उदास तू बता दे॥ 9074॥