Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 779
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1याते लो बात मान गोविंद राधे।
2त्याग दो अब निज मान बता दे॥ 9051॥
3लाली बोलीं लाल गोविंद राधे।
4इतै का लेवे को आये बता दे॥ 9052॥
5जहाँ रहे रजनी गोविंद राधे।
6जावो सोइ सजनी भवन बता दे॥ 9053॥
7वा दिन सौंह खाई गोविंद राधे।
8मेरी न जावूँ अब कतहूँ बता दे॥ 9054॥
9दो दिन में ही गोविंद राधे।
10सौंह को दीनी भुलाय बता दे॥ 9055॥
11प्रिया की बात सुनि गोविंद राधे।
12पिय सिर नीचे खरे मौन बता दे॥ 9056॥
13तब पुनि बोली बाला गोविंद राधे।
14लाली खरे लाल रोयें बता दे॥ 9057॥
15तुम तो हो कृपामयी गोविंद राधे।
16याते करो कृपा स्वामिनी बता दे॥ 9058॥
17लाली ने कहा जा जा गोविंद राधे।
18मो को उपदेश ना दे चली जा बता दे॥ 9059॥
19बाला ने सोचा अब गोविंद राधे।
20मानिनी न मानें मोते कैसेहूँ बता दे॥ 9060॥
21तब गई लाल ढिग गोविंद राधे।
22कहा तुम बनि जावो साँवरी बता दे॥ 9061॥
23साँवरी बनि जावो गोविंद राधे।
24महल लाली फुसलावो बता दे॥ 9062॥