Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 778
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1वाई बाला घर गोविंद राधे।
2सामने हुआ यह काण्ड बता दे॥ 9039॥
3थोड़ी देर को ही गोविंद राधे।
4बाला घर खरा ह्वै गयो बता दे॥ 9040॥
5बाला ने बातन में गोविंद राधे।
6मोेहिं उरझाय लइ रात भर बता दे॥ 9041॥
7भोर में तुम्हरे ही गोविंद राधे।
8पास आने को चला ही था बता दे॥ 9042॥
9इतने में तुम आईं गोविंद राधे।
10वा बाला घर सामने बता दे॥ 9043॥
11तुमने न जाने क्या गोविंद राधे।
12सोचा अरु भईं कुपित बता दे॥ 9044॥
13तुम ही बताओ अब गोविंद राधे।
14मेरा दोष या दोष दैव का बता दे॥ 9045॥
15प्रिया ने मानी नहिं गोविंद राधे।
16लाल जो बात बनाई बता दे॥ 9046॥
17तब आई बाला सखि गोविंद राधे।
18कही सुनु स्वामिनि श्यामा बता दे॥ 9047॥
19तुम बिनु लाल को गोविंद राधे।
20एक पल कल नहिं कतहूँ बता दे॥ 9048॥
21लाल तो तोय लाली गोविंद राधे।
22प्राणहूँ ते अधिक चाहें बता दे॥ 9049॥
23लाल को देखो तो गोविंद राधे।
24आँखन में अश्रुधार बता दे॥ 9050॥