Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 767
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1उसी को रिझावो जावो गोविंद राधे।
2उसी के नित गुन गावो बता दे॥ 8907॥
3मोको जलाने को गोविंद राधे।
4पुनि कभु मेरे ढिंग आओ ना बता दे॥ 8908॥
5लाल कह दम्पति गोविंद राधे।
6सुख कछु लोग देखि सकें ना बता दे॥ 8909॥
7वे ही लगावें आग गोविंद राधे।
8तोको जानि भोरीभारी बता दे॥ 8910॥
9प्यारी ने कहा हाँ हाँ गोविंद राधे।
10तुम हो दूध के धोये बता दे॥ 8911॥
11बात बनाओ जनि गोविंद राधे।
12सूधे सौत घर जावो बता दे॥ 8912॥
13वाकी बलैया लो गोविंद राधे।
14वाके ही डारो गलबँहियाँ बता दे॥ 8913॥
15लाल जी हार गये गोविंद राधे।
16सोचा चले जाना उचित बता दे॥ 8914॥
17बाहर जाके श्याम गोविंद राधे।
18भेजा मनाइवे को सखी को बता दे॥ 8915॥
19सखी गइ श्यामा ढिग गोविंद राधे।
20बोली सुनु स्वामिनि श्यामा बता दे॥ 8916॥
21तेरे बिनु श्याम को तो गोविंद राधे।
22एक पलक लगे कलप बता दे॥ 8917॥
23तुम बिनु ही बात गोविंद राधे।
24जब देखो मान ठानो बता दे॥ 8918॥