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Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

लीला माधुरी · पृष्ठ 766

Reading 264 of 452 · Source nos. 8895–8906 · Source PDF 269

1सैन सों कहे लाल गोविंद राधे।

2महल भीतर जाना मना है बता दे॥ 8895॥

3लाल जी बोले सखि गोविंद राधे।

4मोको न रोको परूँ पैयाँ बता दे॥ 8896॥

5लाली को देखे बिनु गोविंद राधे।

6तेरो लाल तजि देगो प्राण बता दे॥ 8897॥

7अच्छा जनि जाने दे गोविंद राधे।

8मेरो अपराध तो नेकु बता दे॥ 8898॥

9द्वारसखी बोली गोविंद राधे।

10हौं नहिं जानौं अपराध बता दे॥ 8899॥

11आप ही जाके पूछो गोविंद राधे।

12चरण पकरि निज चूक बता दे॥ 8900॥

13पिया गये प्रिया ढिग गोविंद राधे।

14पूछा क्यों रूठी हो प्रिया जू बता दे॥ 8901॥

15प्रिया ने क्रोध ते गोविंद राधे।

16कहा चले जावो घर सौत बता दे॥ 8902॥

17अब लौं बहुत सहा गोविंद राधे।

18अब तो सहा नहिं जाये बता दे॥ 8903॥

19लाल ने कहा लाली गोविंद राधे।

20काउ ने लगाई झूठी तो सों बता दे॥ 8904॥

21लाली कह मोको तजि गोविंद राधे।

22गये थे जहाँ वहीं जाओ बता दे॥ 8905॥

23उसी की सेवा करो गोविंद राधे।

24उसी के चरण पलोटो बता दे॥ 8906॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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