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Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

लीला माधुरी · पृष्ठ 747

Reading 245 of 452 · Source nos. 8667–8678 · Source PDF 250

1नटखट छैल लाल गोविंद राधे।

2इत उत तोको ही ताके बता दे॥ 8667॥

3परम चतुर सो है गोविंद राधे।

4तू है अत्यन्त भोरी बता दे॥ 8668॥

5बोली नव बाला सखि गोविंद राधे।

6मेरे घर एक बूँद जल ना बता दे॥ 8669॥

7सखि कह बाला मान गोविंद राधे।

8जनि जा करे बरजोरी बता दे॥ 8670॥

9आज वह नंदलाल गोविंद राधे।

10तेरी ही घात में बैठो बता दे॥ 8671॥

11नव बाला कह गोविंद राधे।

12मैं तो जावूँगी न मानूँ बता दे॥ 8672॥

13बाला गइ यमुना पै गोविंद राधे।

14देखा अनूप रूप श्याम को बता दे॥ 8673॥

15वाही समय लाल को गोविंद राधे।

16ढूँढतो आयो दाऊ भैया बता दे॥ 8674॥

17भैया कन्हैया सों गोविंद राधे।

18कह तोहिं मैया बुलावे बता दे॥ 8675॥

19तेरे हित मैया ने गोविंद राधे।

20व्यंजन बनाये विविध बता दे॥ 8676॥

21बोले कन्हैया चलु गोविंद राधे।

22भैया मोहूँ लगी भूख बता दे॥ 8677॥

23भैया कन्हैया दोनों गोविंद राधे।

24गये घर इत गिरी बाला बता दे॥ 8678॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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