Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 746
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1जीजी जी अब तुम गोविंद राधे।
2मोकूँ ना रोकियो मारूँगी बता दे॥ 8655॥
3इतने में आये लाल गोविंद राधे।
4रोते सिसकरी भरते बता दे॥ 8656॥
5लाला कह मैया ले गोविंद राधे।
6मारि ले मोय जी भरके बता दे॥ 8657॥
7तू तो है भोरी भारी गोविंद राधे।
8तिरिया चरित्र नहिं जाने बता दे॥ 8658॥
9कालि कदम्ब तट गोविंद राधे।
10हौं रह्यो खेलत मैया बता दे॥ 8659॥
11मेरो पकरि कर गोविंद राधे।
12लगी मटकने नाचने बता दे॥ 8660॥
13मटकते नाचते ही गोविंद राधे।
14सिर ते गिर्यो घट फूट्यो बता दे॥ 8661॥
15अब मैं कभू मैया गोविंद राधे।
16इनकी गैल नहिं जावूँ बता दे॥ 8662॥
17रोहिणी बोली जीजी गोविंद राधे।
18लाल नहिं दोषी दोषी सखियाँ बता दे॥ 8663॥
19एक नवबाला चली गोविंद राधे।
20करि सोरह शंृगार बता दे॥ 8664॥
21सिर धरि जल घट गोविंद राधे।
22जल भरिवे के काज बता दे॥ 8665॥
23सखि कह बाला ते गोविंद राधे।
24इकली मति जा जल को बता दे॥ 8666॥