Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 745
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1पानी भरन ना दे गोविंद राधे।
2गागरि फोरे लर तोरे बता दे॥ 8643॥
3कभू छुवे ठोढ़ी को गोविंद राधे।
4कभू छुवे वक्ष को निपट बता दे॥ 8644॥
5कभू कहे “मेरी प्यारी” गोविंद राधे।
6कभू कहे मोरी तोरी जोरी बता दे॥ 8645॥
7मैया ने कहा सखी गोविंद राधे।
8जा दिन बाँध्यो हौं ऊखल बता दे॥ 8646॥
9तुम सबने ही वाय गोविंद राधे।
10विनती करि छुड़वायो बता दे॥ 8647॥
11हौं तो वाई दिन गोविंद राधे।
12वाकी पिटाई करती बता दे॥ 8648॥
13अब हौं लाला को गोविंद राधे।
14घर ते निकरन दूँ ना बता दे॥ 8649॥
15सखिन कह्यो मैया गोविंद राधे।
16ऐसो दण्ड लाल को देहु ना बता दे॥ 8650॥
17प्यार ते दुलार ते गोविंद राधे।
18समझा दो बस लाल को बता दे॥ 8651॥
19लाल जी चुपके ते गोविंद राधे।
20बातें सब सुन रहे थे बता दे॥ 8652॥
21यशुदा रोहिणी ते गोविंद राधे।
22कहें तुम ही समझावो बता दे॥ 8653॥
23हौं तो समझा के गोविंद राधे।
24डाट फटकार के हारी बता दे॥ 8654॥