Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
लीला माधुरी · पृष्ठ 744
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1श्याम ने कहा जा जा गोविंद राधे।
2ब्रज तजि अनत चली जा बता दे॥ 8631॥
3तेरे जाने ते गोविंद राधे।
4ब्रज नहिं सूनो होगो बता दे॥ 8632॥
5दूसरी सखी बोली गोविंद राधे।
6दान मागिवे में आवे लाज ना बता दे॥ 8633॥
7वा दिन भूलि गयो गोविंद राधे।
8जब छुड़वायो ऊखल ते बता दे॥ 8634॥
9पुनि बँधवा दूँगी गोविंद राधे।
10ऊखल में रोते बीते बता दे॥ 8635॥
11सखिन कही चलो गोविंद राधे।
12इनकी कुचाल कहो मैया ते बता दे॥ 8636॥
13इमि कहि गइँ सब गोविंद राधे।
14नन्द के भवन के द्वार बता दे॥ 8637॥
15टेरि कही रानी जू गोविंद राधे।
16सुनो हम सब कछु कहे हैं बता दे॥ 8638॥
17लाल हम सब की गोविंद राधे।
18नाक में करि राख्यो दम है बता दे॥ 8639॥
19चुनरी को झटके गोविंद राधे।
20गगरी को भू पै पटके बता दे॥ 8640॥
21घूँघट पट खोले गोविंद राधे।
22नैन मटकावे बिरावे बता दे॥ 8641॥
23दूसरी सखी बोली गोविंद राधे।
24तेरो ही लाल है अनोखो बता दे॥ 8642॥