लोड हो रहा है…लोड हुँदैछ…
Skip to main content
Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

लीला माधुरी · पृष्ठ 742

Reading 240 of 452 · Source nos. 8607–8618 · Source PDF 245

1प्रिया ने कहा सखि गोविंद राधे।

2श्याम तो रोम रोम बसे हैं बता दे॥ 8607॥

3मोकूँ तो घर की भी गोविंद राधे।

4गैल नाहिं सूझे कभू साँची बता दे॥ 8608॥

5ललिता कह लाली गोविंद राधे।

6वाको तो देखनो है मरनो बता दे॥ 8609॥

7गोपियाँ सैकरन गोविंद राधे।

8ऐसे ही अधमरी तलफें बता दे॥ 8610॥

9इतने में पुनि श्याम गोविंद राधे।

10ओट कदम्ब तजि आये बता दे॥ 8611॥

11श्याम बोले सखियों गोविंद राधे।

12दान दे जावो तब जावो बता दे॥ 8612॥

13एक सखी बोली गोविंद राधे।

14श्याम अपराध हमारो बता दे॥ 8613॥

15क्यों हम सब के गोविंद राधे।

16प्रान हरन तुम चाहो बता दे॥ 8614॥

17श्याम बोले कहा कहे गोविंद राधे।

18प्रान हरूँ झूठ बोले बता दे॥ 8615॥

19मैं तो बस दान माँगूँ गोविंद राधे।

20दान दे जावो जावो घर को बता दे॥ 8616॥

21सखि बोली हाँ हाँ गोविंद राधे।

22नैनन बान क्यों मारो बता दे॥ 8617॥

23तन मन प्रान सब गोविंद राधे।

24लै लिया और का लोगे बता दे॥ 8618॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

Source edition and PDF · Text version