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Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

लीला माधुरी · पृष्ठ 741

Reading 239 of 452 · Source nos. 8595–8606 · Source PDF 244

1श्याम खड़े थे मग गोविंद राधे।

2श्यामा ने कही सुनो सखियों बता दे॥ 8595॥

3अभी सब लौटि चलो गोविंद राधे।

4यमुना तट नटखट है बता दे॥ 8596॥

5श्याम ने जानि लई गोविंद राधे।

6मेरे डर लौटें सखियाँ बता दे॥ 8597॥

7याते श्याम गैल तजि गोविंद राधे।

8लतन की ओट छुपे जाय बता दे॥ 8598॥

9प्रिया जू बोलीं अब गोविंद राधे।

10चलो सब गैल तज्यो लाल बता दे॥ 8599॥

11प्रिया की आज्ञा ते गोविंद राधे।

12सब सखि लगीं घट भरने बता दे॥ 8600॥

13हाथ था गागरी में गोविंद राधे।

14ध्यान था नागरी का श्याम में बता दे॥ 8601॥

15सब सखि जल भरि गोविंद राधे।

16चलीं निज घर मध्य प्रिया जू बता दे॥ 8602॥

17पुनि तहँ औचक गोविंद राधे।

18लतन ते प्रकटे लाल बता दे॥ 8603॥

19लाली ने कहा देखो गोविंद राधे।

20कोटि काम कमनीय आये बता दे॥ 8604॥

21देखो नैन बानन गोविंद राधे।

22घायल करि गये अनत बता दे॥ 8605॥

23सखी बोली प्रिया जू गोविंद राधे।

24जाने दो काहे को देखो बता दे॥ 8606॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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