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Radha Govind Geet Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

लीला माधुरी · पृष्ठ 736

Reading 234 of 452 · Source nos. 8535–8546 · Source PDF 239

1इन सब धींगरिन गोविंद राधे।

2झूठो है सबरो उराहनो बता दे॥ 8535॥

3लाला की बात सुनि गोविंद राधे।

4मैया ने पद्मा को देखा बता दे॥ 8536॥

5पुनि कहा मैया ने गोविंद राधे।

6लाला ने कहा जो सुनि लिया बता दे॥ 8537॥

7इतने में आई तहँ गोविंद राधे।

8एक सखी और नाम माधुरी बता दे॥ 8538॥

9माधुरी मैया को गोविंद राधे।

10कर पकरि बोली सुनो तो बता दे॥ 8539॥

11मेरे भवन चलो गोविंद राधे।

12देखो कुचाल निज लाल की बता दे॥ 8540॥

13छीँके की कमोरी को गोविंद राधे।

14नीचे गिरा के दई फोरि बता दे॥ 8541॥

15चुनरी उतारि डारे गोविंद राधे।

16दधि की मटुकी माहिं बता दे॥ 8542॥

17जो कछु बोलूँ तो गोविंद राधे।

18कहे जा मैया ते कह दे बता दे॥ 8543॥

19अपने या लाला कूँ गोविंद राधे।

20मैया तू बरजे नाँय बता दे॥ 8544॥

21अपनी आँखन गोविंद राधे।

22मेरे घर चलि के देखि ले बता दे॥ 8545॥

23माखन दधि खाय गोविंद राधे।

24सो तो है कोई बात ना बता दे॥ 8546॥

Original Hindi couplets from the supplied Part 2 edition, grouped by printed page and chapter. Native verse numbers continue at 5902 and end at 11111. Supplied edition: Fourth edition, January 2010. Publisher: Radha Govind Samiti, New Delhi.

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